ना आरज़ू, ना जुस्तजू, बस एक एहसास है,
तेरी यादों की बारिश में भीगा सा दिल उदास है।
ना तेरा नाम लबों पे, ना कोई तेरा पता,
फिर भी हर राह तेरी ओर ले जाए, क्या ये संयोग खास है?
ना शिकवे, ना शिकायतें, बस मोहब्बत की ख़ुशबू,
दिल के वीरान आँगन में तेरा अहसास जैसे सांस है।
छुपा रखा है तुझे उन लफ़्ज़ों की चादर में,
जहाँ हर शेर में तेरा हुस्न और हर मतला तेरे पास है।
ना मंज़िल की परवाह, ना सफ़र की थकान,
बस तेरा ज़िक्र ही मेरी तन्हाइयों की मिठास है।
@Alfaaze_ishq

