Poetry 1 min read 258.8K reads

Khwahishein


हैं ख्वाहिशें कई, हैं ख्वाब हज़ार,है जिंदगी एक, और भरा बाज़ार,क्या खरीदें, क्या ज़ाया करे,एक दिल है, और कई बीमार!"मुसाफिर"

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