ठहरा अंधेरा छंट जाता है
सूरज फिर से उग आता है
माना कि टूटा है दिल मगर
टूटा धागा फिर जुड़ जाता है

गिरकर संभलना ही रीत है
हारा भी फिर जीत जाता है
बंजर सूची इस जमीन पर
फूल कोई खिल जाता है

तूफानों की क्या हस्ती है
कश्ती को किनारा मिल जाता है
रख भरोसा उस प्रभु पर
हर बंद रास्ता खुल जाता है

पछतावे की राख को छोड़ो
नया सवेरा मिल जाता है
जो कल था एक सपना
वो सच में ही बदल जाता है