मेरी कहानी का हर किरदार अधूरा रह जाता है

मैं चाहता हूं उन्हें हमेशा नए ढंग से गढ़ना 

कि वो पर्याय बनें एक आदर्श नायक नायिका या सहयोगी का।

मैं झुंठलाता हूं उनके द्वेष दोष और नाकामियां ।

शायद ये वही कालचक्र है जो दर्पण के सामने मैं खुद के लिए करता हूं।