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नजर - ए - इशक ।


हाँ ! इश्क किया थातभी आँसू निकले थेमेरी आँखो से ।

गलती तेरी नहीमेरी ही थी जो तुझसेनजर-ए- इश्क किया ।

काश ! पता होता मुझेना नजरें मिलाताना तुझसे इश्क होता ।

— जीतेन्द्र मीना
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