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मानसून


खुशियाँ भी मानसून की तरह हो गई हैठहरने का नाम ही नही लेती ,

ठहर जाये जब जिन्दगी में खुशियाँखुशियाँ रास नही आती मानसून की तरह ।

— जीतेन्द्र मीना
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