मन बडा चंचल हैमन बडा शैतान है ।सारे झगडों की जड़ ही मन हैसारे कामों की जड़ ही मन है ।लोग आरोप तो नीयत पर लगाते हैसारे आरोपों की जड़ ही मन है ।
मन बडा चंचल हैमन बडा शैतान है ।
सारे झगडों की जड़ ही मन हैसारे कामों की जड़ ही मन है ।
लोग आरोप तो नीयत पर लगाते हैसारे आरोपों की जड़ ही मन है ।