लिखना चाहता था बहुत मगर

लिखते लिखते सहम सा गया ।


जाना चाहता था बहुत दूर

मगर बीच मे ही रोका गया । 


क्या करे मजबूर इतने हुए हम

की समुन्दर पार करना पड गया ।



- जीतेन्द्र मीना