कुछ पढ़ कर देख काम आयेगा 

कुछ समझ कर देख नाम आयेगा ।


कुछ लिख कर देख काम आयेगा 

कुछ सोच कर देख नाम आयेगा । 


तू जो सोच सकेगा कर पायेगा 

अपनी मंजिल को फतह कर पायेगा ।


हुआ नही भला किसी का सोचने से

मंजिल मिलेगी कोशिस कर देखने से ।


अब दिखादे कुछ करके दुनिया को तू 

और बजा दे डंका अपने नाम का तू ।।



- जीतेन्द्र मीना