जिसको किसी ने देखा नही
वो भी समझदार है
आजकल वो भीड मे नही
तुम्हारे घर पर आता है ।
वो बस राजनीती मे नही
तुम्हारे नीतियों मे आता है ।
चुनावी रैलियों मे वो जाता नही
घर पर इकठ्ठा होने पर आता है ।
बस राजनीति मे नही
घर पर ही कोरोना आता है ।


जिसको किसी ने देखा नही
वो भी समझदार है
आजकल वो भीड मे नही
तुम्हारे घर पर आता है ।
वो बस राजनीती मे नही
तुम्हारे नीतियों मे आता है ।
चुनावी रैलियों मे वो जाता नही
घर पर इकठ्ठा होने पर आता है ।
बस राजनीति मे नही
घर पर ही कोरोना आता है ।