ना कुछ खोने का गम है ,
ना कुछ पाने की चाह है ।
हँसता खेलता रहे मेरा वतन ,
लगे ना इसे किसी की नजर ।
सैनिकों मे वीरता का जोश हो ,
दुश्मन आते ही खो दे होश को ।
लहराता रहेंगा ये तिरंगा मेरे वतन का ,
अब हर नागरिक बोलेगा मै भारत का ।
राष्ट्रभक्त होगा तो निकली उसकी भक्ति ,
डाली गर गंदी नजर तो दुनिया देखेगी शक्ति ।


