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धर्म में


नंगे रह जाते हैवो लोगजो बढ़ाते है धर्म में अंधविश्वास ,

नष्ट हो जाती हैमानवताजहां आ जाए धर्म में धंधा ,

विकृत हो जाती हैमानसिकताजब आ जाए धर्म में कट्ठरता ।

© जीतेन्द्र मीना , गुरदहकरौली ( राजस्थान )

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