व्यक्ति का चरित्र एक
खुली किताब की तरह है
चरित्र जानने के लिये
जरूरी नही की वो नशे मे हो ।
~ जीतेन्द्र मीना (@jitendragurdeh )


व्यक्ति का चरित्र एक
खुली किताब की तरह है
चरित्र जानने के लिये
जरूरी नही की वो नशे मे हो ।
~ जीतेन्द्र मीना (@jitendragurdeh )