लोग हस पड़े मुझ पर पागल कह कर,
शहर को अंधेरे में देख मैने घर जला दिया,
नाव रो पड़ी लहरों को देख कर,
मैंने किनारों को बेवफा कह दिया ||


लोग हस पड़े मुझ पर पागल कह कर,
शहर को अंधेरे में देख मैने घर जला दिया,
नाव रो पड़ी लहरों को देख कर,
मैंने किनारों को बेवफा कह दिया ||