अभी तो चलना शुरू किया है, रफ़्तार पकड़ना बाक़ी है, अभी तो रुकावटों को पहचाना है, उन्हें उखाड़ फेंकना अभी बाक़ी है। अभी तो सिखना शुरू किया है, पारस का पत्थर बनना बाक़ी है, अभी तो ठोकरें खा रहा हु, उन्हें नस्ते-नाबूत करना बाक़ी है। अभी तो नज़र आसमान पर है, वहाँ पहुँचना अभी बाक़ी है, अभी तो बस दिया जलाया है, अंधियारा ख़त्म करना बाक़ी है