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काबिल


कहता है वो कि,वो मेरे प्यार के काबिल नहीं,कैसे समझाऊं कि,मेरी ज़िंदगी ज़िन्दगी नहीं,गर वो इसमें शामिल नहीं ।।

— डॉ जिज्ञासा
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