बेचैन बादल मानो,

प्रेयसी की तलाश में भटकते,

कभी आंखों में नमी लिए छँट जाते,

तो कभी नीला रंग भर उड़ जाते ,

तो कभी दर्द बन बरस जाते,

तुम कहाँ हो, 

कहीं सिर्फ यादों में तो नहीं ।।

~डॉ जिज्ञासा