वक्त की रफ़्तार कुछ थम सी गई है,
ज़िन्दगी आजकल कुछ बदल सी गई है,
कुछ उलजने और उलज सी गई है,
कुछ बातें अब सुलज सी गई है,
रिश्तों की मिठास कुछ बढ़ सी गई है,
किसीकी ज़िन्दगी बिखर तो ,
किसीकी संवर सी गई है।।
✏ ज्हानवी टीलावत


वक्त की रफ़्तार कुछ थम सी गई है,
ज़िन्दगी आजकल कुछ बदल सी गई है,
कुछ उलजने और उलज सी गई है,
कुछ बातें अब सुलज सी गई है,
रिश्तों की मिठास कुछ बढ़ सी गई है,
किसीकी ज़िन्दगी बिखर तो ,
किसीकी संवर सी गई है।।
✏ ज्हानवी टीलावत