आज यादों ने तुम्हारी फिर दस्तक दी हैं...जली हुई है अलाव,और ठंड मेरे दिल में बसी है ।
आज यादों ने तुम्हारी फिर दस्तक दी हैं...
जली हुई है अलाव,
और ठंड मेरे दिल में बसी है ।