मुझे खतरा है


खुद से


कही ये शीत गम की


मुझे जला न दे


मैं सोच में हूं जिस जीवन के


उसे बसाने न दे


ये सांकल मन की


बंधी हुई


रस्सियां तन की


जमी नजरे जमीं पर


ये रुका हुआ


आंखों का पानी


बीत रही उमस में


सावन की रवानी


मुझे खतरा है


शब्दो से


की कविता न रह जाए अधूरी


न रहे अध..