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भोर


जागेगी उषाआलोक होगाक्षितिज पे किरणों का शोर होगा

ध्वस्त होगा तिमिरसशक्त जीवन होगारुग्ण आकाश पे निर्मल नीर का आंचल होगा

चहकेगी चिड़ियांमहकेंगी कलियांमालिन चमन निशा का आज,सवेरा कल चंदन होगा

रफ्ता-रफ्ताउज्ज्वलित होगाख्वाबों का वह भोर जिसमे सब कुछ अच्छा होगा।

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