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अपूर्ण प्रेम

तुम्हे याद करने को
मैं रोज नए शब्द ढूंढता हूं
हर हर्फ में मैं अपनी
व्याकुलता को सींचता हूं
मैने पिरोया है तुमको सांसों में
आयत सा हर
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