बच्चे हमारे..
फिर याद आएंगे वो दिन,
भूला ना,पायेंगे,वो दिन,
समय ले गया,
अपने साथ,जिन्हें,
कब लौट पायेंगे,उनके
बचपन के,वो दिन,
बच्चों के हमारे..
अब सब,बड़े हो गये,सयाने से,
अब सिखाने लगे,हमेँ,फिर भी,
डगमगाते जब, पाँव हमारे,
हरदम उठते,उनके,
ततपर, हाथों के सहारे,
बच्चे हमारे...
तूफान,कितने ही आये गये,
जीवन में उनके,हमारे,
वे,डरे नहीँ, गिरते,सम्हलते,
बढ़ते ही,रहे आगे ही आगे,
बच्चे हमारे...
बहुत तृप्त है मन,ये देख,
बच्चों में,फलित, हुए,
हमसे ज्यादा,
जीवन संस्कार,हमारे,
बच्चे हमारे...
देश प्रेम,संस्कार,फलें,
घर घर में,हों यही,उजाले,
यही अब कामना, मन में हमारे,
मन में हमारे..
बच्चे हमारे...
~जयेश वर्मा


