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बबस्तगी


इस शहर से बबस्तगी बहुत पुरानी हैइस शहर में उससे बिछड़ा था

ये कुर्बत मोहब्बत ये मिलना बिछड़नाइसी शहर से हो कर मेरा जनाज़ा गुज़रा था©javed malik jakku

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