मैं खुश हूँ की मैं भारत में रहता हूँ।
यहाँ सभी साथ में हँसा करते है गम बाँटा करते है
और विदेशों में तो लोग पडोसियों से भी अन्जान हुआ करते है,
हा शायद पैसे कम हो पर दिल से बडा़ हुआ करते है,
खुद के पास चाहे कम हो फिर भी दूसरों को बाटाँ करते है इसलिए भारत को विश्व गुरू कहा करते है,
मुझे लगता था कि विदेशों में सब शाँति से रहते है
लेकिन वहाँ तो दुकानों को ही लुटा करते है,
आज हमारे पडोसी युध्द की बातें करते है
पर शायद उन्हें नहीं पता,
कि जिस देश में धर्म के लिए सबसे बडा युध्द हुआ हो
वो इन युध्दों से कहा डरा करता है,
मैं खुश हूँ की मैं भारत में रहता हूँ।
मैं खुश हूँ की मैं भारत में रहता हूँ।।
-- RAJPUROHIT


