जिंदगी को देखने का ,
हर उम्र में बदलता है नज़रिया।
किसी को पसंद उचाई पहाड़ की,
किसी को प्यास समुन्दर के गहराई की।
पूछते हो तुम खुद से क्या है सही,
हम में से कोई भी गलत तो नहीं।
ज़मीन से प्यार करो,
पर आसमान तो देखने दो।
थोपो मत अपना नज़रिया दूसरों पर,
जियो खुद और दूसरों को जीने दो।
-Jलj
