एक मुलाकात हो जाती, 

तो सुकून मिलता इस दिल को| 


एक बार बात हो जाती, 

तो सुकून मिलता इस दिल को| 


यह शाम भी उसका इंतज़ार करती है, 

यह आँखों उन्हें देखने के लिए तरसती है| 


लेकिन एक मुलाकात से कहाँ सुकून मिलेगा, 

थोड़ी सी बात से कहाँ सुकून मिलेगा| 


अब सिर्फ इंतज़ार रहेगा उसका, 

जिसे मेरे इंतज़ार करने का इंतज़ार हो|


-Jलj