है जो तकदीर में
वो बदलता नहीं,
है जो तस्वीर में
वो निखरता नहीं,
जो भीगाये ये बादल
तो भीग जाया कर,
इस ज़माने में अब
कुछ सस्ता नहीं


है जो तकदीर में
वो बदलता नहीं,
है जो तस्वीर में
वो निखरता नहीं,
जो भीगाये ये बादल
तो भीग जाया कर,
इस ज़माने में अब
कुछ सस्ता नहीं