क्षण जोड़ा, क्षण तोड़ा है

क्षण भी यहाँ तो थोड़ा है,

क्षण की माया क्षम्य यहाँ है 

क्षण भी कभी न सोया है,

छणभंगुर क्षण बना यहाँ है

क्षण फिर भी ऊव न पाया है,

क्षण दिखा बलवान यहाँ है

क्षण ही तो जगजीत यहाँ है|