आखिर है क्या यह एक दिन
कुछ पाने की चाहत हो
या कुछ खोने का गम,
कहीं जाने की चाहत हो
या कहीं आने की झिझक,
सब होता है एकदिन
आखिर है क्या यह एकदिन|
किसी की उम्मीदों में दिखता है
तो किसी की अशाओं में
कोई तन्हाईयों में टटोलता है
तो कोई कहानीयों में
कब आएगा एक दिन
आखिर है क्या यह एक दिन|
दिल की गहराइयों में देखा हो
या चाहतो केे समुद्र में
सुख केे मंजर में देखो
या दुख केे सिसकीयो में
एक दिन का ही जिक्र होता है
आखिर है क्या यह एक दिन |
चाहत हो या उम्मीद, गम हो या आशा
तन्हाइयों में टटोला हो या कहानियों में
सब पूरा होता है एक दिन
फिर भी तालाश होता है एक दिन
आखिर है क्या यह एक दिन
आखिर है क्या यह एक दिन |


