कोई ज़िन्दगी पर भरोसा क्यो करे

दगा देने वाले आम मिल जाते हे

किश्तों मे हमसफ़र ढूँढने के लिए

हर नाव पर सवारी क्या ज़रूरी हे?


चँद लम्हो के लिए ही सही, 

अगर खुल कर जीना हो तो;

तो बेफ़िक्री का एक लम्हा,

हर ख़ुशी के लिए काफ़ी हे!







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