यूँ हाँथ पर हाँथ रखे रह जाएंगे ,
देखने वाले देखते रह जाएंगे ,
हम वो हैं,
जो सोये नहीं है सुकून से रातों को ,
आने दो तूफ़ान,
एक और सही ,
हम वो चिराग़ है जो तूफानों से भी लड़ जाएंगे ,
तब भी हमारा हौंसला डगमगाएगा नहीं ,
कंधे पर रखा बोझ ,
कदम लड़खड़ायेगा नहीं ,
इन पैरों को जमीं ने शूलों से सजाया है ,
हम वो राह नहीं,
जो भटक जाएंगे ,
मुश्किल कितनी भी हो
चेहरे पर सिकन तक न लाएंगे ,
बस हिम्मत रहेगी पास
और हम मुस्कुरायेंगे..
- गौरव शुक्ला"अतुल"
( @jahajisandesh )
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