आज करूंगा उनकी बात।
नजफढ़गढ़ के है जो नवाब।
नाम है उनका वीरेंद्र सहवाग।
जन्मदिन है इनका आज।
इनकी बल्लेबाजी का नहीं था कोई जवाब।
गेंदबाजों को करते थे ये अपनी खतरनाक बल्लेबाजी से हमेशा परेशान।
हर गेंद को भेजना चाहते थे ये अपने जमाने में बाउंड्री के पार।
खतरनाक बल्लेबाज़ी के लिये वीरेंद्र सहवाग हमेशा रहते थे त्यार ।
घर वालों की इन्हें थी पूरी सपोर्ट।
रन बनाते थे ये ताबड़ तोड़।
जब भी क्रीज पे बल्लेबाज़ी करने इन्होंने आना।
कोई ना कोई गाना इन्होंने अक्सर गुनगुनाना।
300रन बनाने का हर भारतीय खिलाड़ी देखते थे सपने।पहली बार वो रिकॉर्ड नाम किया इन्होंने अपने।
क्रिकेट जगत के ये ऐसे थे सितारे।
जब ये लह में होते थे अच्छे अच्छे गेंदबाज हार मान लेते थे बिचारे।
पैराक्टिस करने जब भी वीरेंद्र सहवाग ने मैदान में जाना।
अपने स्कूटर पे साथ में आशीष नेहरा को लेकर आना।
उनके घर अक्सर चले जाना।
आशीष नेहरा के लिऐ बना हुआ नाश्ता खुद खा जाना।फिर मैदान में नेहरा से गेंदबाज़ी करवा करवा के उन्हें थकाना।
सचिन तेंदुलकर को ड्रेसिंग रूम में अपनी बातों से पकाते थे।
वीरेंद्र सहवाग को चुप करवाने के लिये सचिन तेंदुलकर अक्सर खाने के लिये हाथ में केला थमाते थे ।
वीरेंद्र सेहवाग जैसा बल्लेबाज़ क्रिकेट इतिहास में फिर कभी ना आना।
मेरे सबसे पसींदा खिलाडियों में से ऐक है वीरेंद्र सहवाग।फिर कैसे ना प्रभु ,नीलू दीदी और मेरी मां ने अपने बेटे सनी से इनके जन्मदिन के दिन कुछ शब्दों को कैसे ना लिखवाना ✍️


