फिल्में तो रोज़ कई बनती।

लेकिन हर फिल्म शेरशाह जैसी नहीं बनती।


सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बड़ी खूबसूरती से विक्रम बत्रा का रोल निभाया।

डिंपल चीमा वाला रोल भी कियारा आडवाणी ने पूरी शिदत से निभाया।


जब भी विक्रम बत्रा ने डिंपल को सरदारनी कह के बुलाना।

डिंपल चीमा ने बड़े प्यार से शर्माना।

और कही ना कही हर सरदारनी को अपने सरदार जी की याद आना।

जिस जिस ने ये फिल्म दिल से देखी वो हो गया इस फिल्म का दीवाना। 


आज कल के कुछ लड़के और लड़कियों को अच्छी तरह से आता है प्यार का मज़ाक बनाना।

लेकिन मेरा नाम भी सनी है सच तो मैंने पता था लगाना।लेकिन उन्होंने तो झूठ बोलने से बिल्कुल ना घबराना।


मैंने तो अब सोच लिया है जब तक मेरी सांस चलेगी किसी रोते हुऐ को हंसाना।

एक दिन चला जाऊंगा ये दुनियां छोड़ के पता नही किसी ने आसूं बहाना के ना बहाना।


मेरे जाने के बाद मेरी फ़ोटो पे फूल मत चढ़ाना।

हो सके तो किसी रोते हुऐ को अपने गले से लगाना और उसे हंसाना।


प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने मिलकर लिखने के लिये अपने बेटे सनी के हाथों में रोज़ कलम को थामना ।✍️