14फरवरी को मेरे देश के नौजवानों तुम वेलेंटाइन डे चाहे जरूर मनाना।

पर आज ही के दिन पुलवामा हादसे में शहीद हुए देश के उन 40 जवानों की शहादत को तुम भूल ना जाना।


40जवानों की गई थी आज ही के दिन जान।

बॉर्डर पर जो अपनी ड्यूटी दिन रात निभाते मेरे देश के वो जवान सच में बड़े है महान ।


कितने घरों के आज ही के दिन चिराग़ बुझ गये थे।

जो कहते थे हम छुटी लेकर घर जल्दी आएंगे वो तिरंगे में लिपट के घर आये थे ।


कितने घर हुए थे अनाथ ।

उस दिन बहुत रोया था सारा हिन्दुस्तान।


मेरे देश के जवानों का क्या था कसूर।

वो तो सारे थे बेकसूर ।


हर बार देश को बचाने के लिऐ फौजी भाई ही क्यों देते अपनी जान।


उस डीएसपी दविंदर सिंह का पैसों को लेकर बिक जाना।

अपनी गाड़ी में आतंकवादियों को लेके उसका जाना।


उस डीएसपी दविंदर सिंह को कौन बचा रहा था।

40जवानों का शव इधर उधर बिखरा पड़ा था ।


आज भी कई सवाल खड़े है।

मेरे देश के जवानों के और उनके घरवालों के दिल बहुत बड़े है।

देश की रक्षा के लिए फौज के जवान हर पल खड़े है।


किसी नेता के परिवार से कभी कोई नहीं जाता फ़ौज में।

जनता के पैसा से नेता और उनका परिवार रहता है मौज में।


वेलेंटाइन डे चाहे नौजवानों तुम मनाना ।

आज ही के दिन शहीद हुए उन फौजी भाईयो को ना भूल जाना।प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने सनी से उन शहीद हुए फौजी भाईयों के लिऐ आज एक दर्द भरी कविता को लिखवाना✍️