छोटी सी उम्र में काम जिन्होंने काम कई बड़े से बड़ा किया।

आज की पोस्ट को प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां के आशिर्वाद से गुरु रंधावा के जन्मदिन पर उनके नाम किया।


गुरदासपुर ज़िले के है ये रहने वाले।

क्या कमाल के गीत ये गाने वाले।


खुद गाने लिखते और खुद करते कंपोज।

इनके गाने सुनके लोग नाचने से खुद को ना पाते रोक।


पहला गाना इन्होंने सेम गर्ल गाया। 

लोगों को इनका ये गाना खूब पसंद आया

इसके बाद तो इनका एक से बढ़कर एक गाना आया।

अपने एक गीत पर इन्होंने गाने नोरा फतेही तक को भी नचाया।


आज हर कोई गुरु रंधावा के गानों और इनके स्टाइल का है दीवाना है।

अभी बाकी है इनके कई गानों का आना।


 2013में गुरु ने पहला गाना गाया।

और साल 2014में पीटीसी अवॉर्ड जीत के दिखाया।


इनके लाहौर गाने ने तो यूट्यूब पे 900मिलियन व्यूज का रिकॉर्ड बनाना।

इनके गाने के चरचे बड़े है।

आज गुरु रंधावा को साइन करने के लिए कई लोग लाइन में खड़े है।


महंगी गाड़ियों का रखते है शौंक।

इनके गाने सुनने से खुद को कोई नहीं पाता रोक।


आज युवा पीढ़ी की गुरु रंधावा पहली पसंद बन गये।

बोहेमिया,हिमेश रेशमिया,नीति मोहन, ध्वनि भानुशाली, गुलशन कुमार की बेटी तुलसी कुमार तक सबके साथ गुरु रंधावा काम कर रहे।


कई शो में तो गुरु रंधावा जज तक बन गये।

प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां पता नहीं क्या सोच के लिखवाते है सनी से और लोग कहते है सनी अब तुम शायर बन गये।


मैंने कहा शायर तो कई और भी बड़े है। 

मुझे तो इस बात की खुशी है प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने मुझे दिया है अपना आशिर्वाद हाथ लिखने के लिए खुद बा खुद चल पड़े है✍️