सिर्फ़ ढाई साल की उम्र में जश ओझा के साथ हुआ जैसा ।

भगवान ना करे किसी और के साथ हो ऐसा ।


इस बच्चे के दिमाग़ ने काम करना कर दिया बंद ।

दिल पे पत्थर रख के

परिवार ने कर दिया दान अपने मासूम बेटे जश का ऐक ऐक अंग ।


इतनी छोटी उम्र में इस मासूम बच्चे के साथ इतना कुछ हो गया ।छोटा सा ये बच्चा कहां खो गया ।


पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ आया ।

प्रभु आपकी लीला ना कोई समझ पाया ।


पूरे परिवार ने अपने बेटे जश के अंग दान करवा के मिसाल बना दी ।

इतना महान काम किया पूरे परिवार ने और छोटे से मासूम बेटे जश के लिये प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां तीनों ने मिलकर दिल की गहराइयों से अपने बेटे सनी से एक पोस्ट लिखवा दी ।


लेखक_जगजीत सिंह सनी ।।