पूरे देशवासियों को आज भारतीय क्रिकेट टीम ने दिवाली से पहले ही बहुत ही कमाल का तोहफ़ा दिया ।
जब वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में भारत ने पाकिस्तान की टीम को हरा दिया ।
पिछले साल की हार का भारतीय टीम ने सूद समेत बदला लिया ।
सारे क्रिकेट प्रेमियों को खुशी मनाने का मौका दिया ।
रोमांच से भरा ये मैच था ।
लिखने जा रहा हूं जो इस मैच का आंखों देखा हाल था ।
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतने के बाद पाकिस्तान की टीम को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्यौता दिया ।
क्या कमाल की गेंदबाज़ी की अर्शदीप सिंह ने की जिन्होंने पहले बाबर आज़म को अपनी ही गेंद पर और फिर लह में चल रहे मोहमद रिज़वान को आउट करके वापिस पवेलियन भेज दिया ।
इफ्तिखार अहमद और मसूद ने पाकिस्तान पारी को संभाला ।
दोनों ने अपनी टीम के लिये अर्ध शतक लगा डाला ।
लेकिन तभी गेंदबाज़ी करवाने आये हार्दिक पांड्या ने अपने एक ही ओवर में पाकिस्तानी टीम की दो विकेटे लेकर पाकिस्तान को मुश्किल में डाला ।
तीन विकेट अर्शदीप सिंह ने किये अपने नाम ,तीन ही विकेट हार्दिक पांड्या ने और एक एक विकेट को भुवनेश्वर और शामी के ने अपने नाम किया ।
कुल मिलाके भारतीय गेंदबाजों ने बहुत ही खूबसूरती से अपना काम किया ।
पाकिस्तान ने 20ओवर के खेल में 8विकेट खोकर भारतीय टीम को 159 रनों का लक्ष दिया ।
बहुत ही कसी हुई गेंदबाज़ी की पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने जिन्होंने भारतीय टीम को सबसे पहले केएल राहुल के रूप में पहला झटका दिया ।
अभी भारतीय टीम का स्कोर 10रन हुआ था जब रोहित शर्मा को आउट करके हैरिस रौफ ने पवेलियन वापिस भेज दिया ।
अभी भारतीय टीम दो दो झटके लगने से संभली भी नहीं थी जब हैरिस रौफ ने सूर्य कुमार यादव को भी आउट करके भारत को तीसरा सबसे बड़ा झटका दिया ।
फिर क्रीज पर खड़े कोहली का साथ देने अक्षर पटेल आये
लेकिन दबाव इस मैच का इतना था के अक्षर पटेल भी कुछ खास कमाल ना कर पाये रन आउट होकर वापिस पवेलियन आये ।
31/4विकेट गिर चुके थे ।
भारतीय फैंस हिम्मत पूरी तरह से निराश हो चुके थे ।
उसके बाद विराट कोहली और हार्दिक पांड्या ने आपस में बातचीत की ।
हार्दिक पांड्या ने धीरे धीरे लेकिन किंग कोहली ने पाकिस्तानी गेंदबाज़ो की जमकर ख़बर ली।
10ओवर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 41रनों का था ।
लक्ष 160का अभी बहुत दूर था ।
लेकिन किंग कोहली ने एक बार फिर अपना दम दिखाया ।
अंत तक विराट कोहली नाबाद रहे और अपनी टीम को मैच जिताया ।
आखरी ओवर में बहुत कुछ घटा ।
एक बार फिर भारत पाकिस्तान पे भारी पड़ा ।
जब भारत की टीम को जीत मिली तब जाकर पाकिस्तान से पिछले साल मिली हार के बदले का गम मिट सका ।
शाहीन अफ़रीदी की गेंदबाज़ी का इस बार जादू ना चल सका ।
कहने को दिवाली कल है लेकिन जैसे ही भारत की टीम जीती हर कोई पटाखे चलाने और जश्न मनाने निकल पड़ा
ना पटाखे चलाने थे मैंने ना कोई जश्न मनाना था ।
प्रभु,नीलू दीदी और मां ने दिया आशिर्वाद और लिखने के लिये सनी का अपने आप हाथ चला ✍️


