ये शहर हमसे जुदा सा है

या मेरा कोई गुमां सा है


जो नही तुम पास गोया के

हर नज़ारा बदनुमा सा है


ले गयी आँधी उड़ा कर सब

अब बचा हममे धुंआ सा है


आप जीवन जी गये उसको

मौत का सदमा लगा सा है


लाश घर में ही रही उसकी

गाँव लाशों से भरा सा है


नाम दो अपनी उदासी को

नाम जो उससे मिला सा है