कारे मेघा कारे मेघा थोड़ी देर अब बरस तो जा, बरखा की बूंदे बरसा कर इन नयन पर तरस तो खा !! छम-छम थम-थम कर बरसती जो कभी तेरी बूंदे, याद करता हूँ उनको अपनी इन अंखियन को मूंदे, बरस कर मुझ पर कुछ पल को, उनकी याद दिला तो जा.. कारे मेघा कारे मेघा थोड़ी देर अब बरस तो जा !! रूह पर बरस कर मेरी उनसे मिलने इक पल करा दे, टिप-टिप बरस कर उनकी पायल की धुन सुना दे, वो दूर है कहीं बादलों में छुपी, उन्हें पास बुला तो ला.. कारे मेघा कारे मेघा थोड़ी देर अब बरस तो जा !! हलकी-भारी बूंदों से आज मुझको तू भिंगा जा, मिलन की वो दूरियां सारी आज तो बस मिटा जा, इससे पहले की उम्मीदें टूटे, इक उम्मीद जगा तो जा.. कारे मेघा कारे मेघा थोड़ी देर अब बरस तो जा कारे मेघा कारे मेघा थोड़ी देर अब बरस तो जा !