सुना है तुम आ रही हो
फिर इश्क के शहर मे..
इस इश्क के शहर मे
इस हमारे शहर मे..
फिर मिलेगी नजरे
हमारी ,तुम्हारी
फिर होगी इश्क की
वो मीठी बीमारी
सुना है तुम....
फिर होगी मुलाकाते
ऊन पुराने खण्डहरो मे..
जहाॅ मिलते थे हम
उन पुराने पलो मे..
फिर होगी बाते
कुछ हमारी कुछ तुमहारी..
फिर होगी यादे
कुछ नयी कुछ पुरानी..
सुना है..
होगी कुछ गलतिया
कुछ हमारी कुछ तुम्हारी...
रूठोगी फिर तुम
इस मुसाफिर ए इश्क से
फिर चली जाओगी तुम
इस इश्क के शहर से..
सुना है तुम जा रही हो
इस इश्क के शहर से...
सुना है तुम जा रही हो
इस इश्क के शहर से......
महेन्द्र सिहॅ सेन्धव(इश्क मुसाफिर)
9754028853