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पिताह


अँधेरा काटकर उजाला ख़रीद लाया वो मुफलिसी से जीतकर खुशिया ख़रीद लायाजरूरतें तो थी मग़र जरुरी न थीवो को दफ्न कर खरीद लाया

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