प्रतीक हूंँ दुर्गा कायह बतलाया तुमने,मर्यादा में रहनायह सिखाया तुमने,बच्ची ही तो थी जबउम्र भर का ज्ञान बताया तुमने,फिर आज क्यो नही बचाया तुमने ?
प्रतीक हूंँ दुर्गा कायह बतलाया तुमने,
मर्यादा में रहनायह सिखाया तुमने,
बच्ची ही तो थी जबउम्र भर का ज्ञान बताया तुमने,
फिर आज क्यो नही बचाया तुमने ?