पिंजरे में बंधे हुए हमारे पंखों को आज़ादी की उड़ान दी हैं
खुला आसमान देकर हमें हमारे अधिकार दिए हैं
सागर के मोती छूने का अभिमान दिया हैं
हमें हमारे अधिकार दिलाकर , हमारा सम्मान दिया हैं
नमन है उन वीर जवानों को जो भारत की आज़ादी के लिए शहीद हुए हैं
उन्होंने सभी राज्यों को एक जुट करा हैं और एकता में विश्वास रखा हैं
भारतवासी होने का सौभाग्य प्राप्त है हमें और भारत के संविधान पर गौरव हैं हमें
७३ गणतंत्र दिवस की खुशी का अमृत महोत्सव
आप सबको मुबारक हों !

