लड़की है वो,

किसी की राजकुमारी है वो।

किसी की प्यारी बहना है वो,

किसी की है बिटिया रानी वो।


होगी उसकी भी एक दिन बिदाई।

यादें समेटकर किसी और के घर,

चली जाएगी वो।

उसे अपना घर बना लेगी वो।


मांगकर दहेज मत करो उसका अपमान।

इंसान है वो, सामान नहीं।

मत लगाओ उसका मोल,

क्योंकि अनमोल है वो।


है नहीं इसमें कोई अच्छाई।

है ये समाज की एक बुराई।

है ये कारण जिसकी वजह से

आज भी मानते है कुछ लोग

एक बेटी को बोझ।