ख़ामोशी से वो मुस्कुराने लगे है
जवाब उनके ख़त के भी आने लगे है
ज़माने की नज़रों से नज़रें बचाके
वो नज़रों से नज़रें मिलाने लगे है
वो चेहरा अदाएँ तबस्सुम वो हाए
दिलो पे वो जादू चलाने लगे है
तुम्हारे ख्यालों में खो करके अब तो
हम अपनी ही दुनिया बसाने लगे है
मोहब्बत है "ईशान" ज़रा सोच ले फिर
माज़ी भूलने में ज़माने लगे है


