काश सुन पाते तुम खामोशियाँ मेरी

बताता तुमको मैं वो सारी बातें

जो अब तक अनकही है, अनसुनी है..


काश की पढ़ जो पाते दिल तुम मेरा

पता चलता तुम्हे, कैसे सहेजी है यादें तुम्हारी

मिटने नहीं दी..


काश की झाँक सकते पार नज़रों के जो तुम

दिखाता तुमको, की तुम बिन मैं कितना अकेला पड़ राहा हूँ

मर राहा हूँ..


काश की होता मुमकिन कह देना अनकही वो बातें

काश की होता मुमकिन समझना हालात दिल के


काश तुम जान पाते प्यार कितना करता हूँ मैं

काश तुमको बता पाता की तुमपे मरता हूँ मैं..