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फ़र्ज़


कोई सुने न सुने कहना भी ज़रूरी है,

कोई पढ़े न पढ़े लिखना भी ज़रूरी है

मेरा ज़मीर न भेजे कभी लानत मुझ पर

मेरा जो फ़र्ज़ है वो करना भी ज़रूरी है।

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