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दीपावली


जलती रहे प्रीति की ज्योतिपलता रहे प्रकाशयह दीपोत्सव लेकर आयेअमिट प्रेम विश्वासऔर फैलता रहे निरंतर खुशियों का आकाश

— इंदु प्रकाश
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