वक़्त की मनमानियों से मत उलझ, आगे निकल।राख की चिंगारियों से मत उलझ, आगे निकल।ये तो दुनियां है यहां पर सबकी ढपली, सबके रागबेसुरी शहनाइयों से मत उलझ, आगे निकल।
वक़्त की मनमानियों से मत उलझ, आगे निकल।राख की चिंगारियों से मत उलझ, आगे निकल।
ये तो दुनियां है यहां पर सबकी ढपली, सबके रागबेसुरी शहनाइयों से मत उलझ, आगे निकल।